Friday, 24 August 2018

कविता. २३४५. हर बजह को मुस्कान कि आस।

                                     हर बजह को मुस्कान कि आस।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर खयाल को आशाओं कि तलाश देती है हर सरगम को एहसासों कि आवाज देती है हर तराने को दिशाओं कि कोशिश देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर किस्से को अल्फाजों कि आवाज देती है हर दिशा को बदलावों कि उमंग देती है हर खयाल को आशाओं कि तलाश देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर कोशिश को उजालों कि उम्मीद देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर प्यास को एहसासों कि उम्मीद देती है हर रोशनी को दास्तानों कि सुबह देती है हर रंग को दिशाओं कि तलाश देती है हर पल को आशाओं कि तलाश देती है हर अदा को एहसासों कि पूंजी देती है हर लम्हे को दिशा देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर अंदाज को कदमों कि कोशिश देती है हर एहसास को तरानों कि कोशिश देती है हर उम्मीद को खयालों कि उमंग देती है हर अल्फाज को बदलावों कि कोशिश देती है हर उजाले को अंदाजों कि कोशिश देती है हर लहर को नदीयां कि परख देती है हर किनारे को दास्तानों कि आस देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर आवाज को तरानों कि पहचान देती है हर अंदाज को कदमों कि पहचान देती है हर रंग को राहों कि उम्मीद देती है हर एहसास को दिशाओं कि तलाश देती है हर अदा को एहसासों कि पहचान देती है हर खयाल को आशाओं कि उमंग देती है हर पल को कदमों कि कोशिश देती है हर खयाल को बदलाव देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर दिशा को बदलावों कि कोशिश देती है हर दास्तान को इरादों कि तलाश देती है हर कदम को एहसासों कि उम्मीद देती है हर आवाज को सरगम कि कहानी देती है हर खयाल को आशाओं कि कोशिश देती है हर एहसास को दिशाओं कि पुकार देती है हर अदा को बदलावों कि उमंग देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर दास्तान को इशारों कि पुकार देती है हर अंदाज को किनारों कि लहर देती है हर नजारे को दिशाओं कि पुकार देती है हर खयाल को आशाओं कि उमंग देती है हर कोशिश को किनारों कि तलाश देती है हर मोड को बदलावों कि कोशिश देती है हर पुकार को दास्तानों कि पहचान देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर दास्तान को इशारों कि पहचान देती है हर उम्मीद को खयालों कि उमंग देती है हर पहचान को दिशाओं कि कोशिश देती है हर उमंग को किनारों कि समझ देती है हर अल्फाज को बदलावों कि दास्तान देती है हर खयाल को आशाओं कि अहमियत देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर खयाल को आशाओं कि कोशिश देती है हर खयाल को आशाओं कि कोशिश देती है हर नजारे को मौसम कि पहचान देती है हर पहचान को कदमों कि तलाश देती है हर अंदाज को कदमों कि रोशनी देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर आवाज को तरानों कि पहचान देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर आवाज को तरानों कि अदा देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर खयाल को आशाओं कि उमंग देती है हर उम्मीद को इशारों कि पहचान देती है हर दिशा को बदलावों कि तलाश देती है हर आस को दिशाओं कि रोशनी देती है हर अंदाज को किनारों कि पहचान देती है हर मौके को आस देती है।
हर बजह को मुस्कान कि आस होती है हर मोड को धारा पहचान देती है हर अंदाज को कदमों कि तलाश देती है हर परख को लम्हों कि जरुरत देती है हर तलाश को बदलावों कि पुकार देती है हर किस्से को अल्फाजों कि तलाश देती है हर जज्बात को बदलावों कि पहचान देती है हर आवाज को तरानों कि कोशिश देती है हर अंदाज को कदमों कि सोच देती है हर मौके को आस देती है।

No comments:

Post a Comment